Dr Shafali Garg

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ज्योतिष” भाग्य नहीं बदलता बल्कि कर्म पथ बताता है, और सही कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है इसमें कोई संदेह नहीं है।

🌹 विघ्नहर्ता भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी जी की पूजा  एक साथ करने का रहस्य

 विघ्नहर्ता भगवान गणेश , शंकर और पार्वती जी के पुत्र हैं यह बात तो हम सभी को पता है परंतु वह लक्ष्मी जी के पुत्र कैसे हुए , और कैसे  उन्हें मां लक्ष्मी जी के साथ पूजा जाने का वरदान मिला।  इस रहस्य के पीछे एक सुंदर सी कहानी है। दिवाली पूजन हो या कोई बड़ी पूजा हमेशा मां लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा की जाती है आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि ऐसा क्यों किया जाता है ।

तो हम कहानी की शुरुआत करते हैं कि कैसे भगवान गणेश मां लक्ष्मी जी के दत्तक पुत्र हुए। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार लक्ष्मी जी को स्वयं पर अभिमान हो गया कि सारा जगत उनकी पूजा करता है और उन्हें पाने के लिए लालायित रहता है।

उनकी इस भावना को भगवान विष्णु समझ गए। भगवान विष्णु ने माता लक्ष्मी का घमण्ड व अहंकार ध्वस्त करने के उद्देश्य से उनसे कहा कि ‘देवी भले ही सारा संसार आपकी पूजा करता है और आपको पाने के लिए व्याकुल रहता है किन्तु आपमें एक बहुत बड़ी कमी है। आप अभी तक अपूर्ण हैं।

जब माता लक्ष्मी ने अपनी उस कमी को जानना चाहा तो विष्णु जी ने उनसे कहा कि ‘जब तक कोई स्त्री मां नहीं बनती तब तक वह पूर्णता को प्राप्त नहीं करती। आप नि:सन्तान होने के कारण अपूर्ण है।

यह जानकर माता लक्ष्मी को बहुत दु:ख हुआ। उन्होंने अपनी सखी पार्वती को अपनी पीड़ा बताई और उनसे उनके दो पुत्रों में से गणेश को उन्हें गोद देने को कहा।

माता लक्ष्मी का दु:ख दूर करने के उद्देश्य से पार्वती जी ने अपने पुत्र गणेश को उन्हें गोद दे दिया। तभी से भगवान गणेश माता लक्ष्मी के ‘दत्तक-पुत्र’ माने जाने लगे।

गणेश जी को पुत्र रूप में पाकर माता लक्ष्मी अति प्रसन्न हुईं और उन्होंने गणेश जी को यह वरदान दिया कि जो भी मेरी पूजा के साथ तुम्हारी पूजा नहीं करेगा मैं उसके पास नहीं रहूंगी।

इसलिए सदैव लक्ष्मी जी के साथ उनके ‘दत्तक-पुत्र’ भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

दीपावली पर माता लक्ष्मी की श्रीगणेश जी के साथ पूजन माता और पुत्र के रूप में होता है, कहा जाता है कि लक्ष्मी के साथ अगर गणपति का भी पूजन किया जाए तो माता अत्यंत प्रसन्न होती हैं और ऐसे भक्तों पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाकर रखती है।

ऊँ गंग गणपतये नम:🙏🏻

ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः: 🙏🏻

यह दोनों मंत्र भगवान गणेश का मंत्र और मां लक्ष्मी जी का मंत्र है। इस मंत्र के जाप से और पूजन से सांसारिक जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान संभव है।

आपका दिन शुभ व मंगलमय  हो, यह समस्त जानकारी “बाल गोविंद गुरु जी  (लखनऊ)” द्वारा दी गई है।

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